इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के हास्टलों में दाखिला पाने वाले स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें केवल 50 प्रतिशत ही हास्टल शुल्क देना होगा। यानी अब उन्हें हास्टलों में रहने के लिए निर्धारित से आधी फीस ही देनी पड़ेगी। छात्र काफी दिनों से हास्टलों में फीस कम करने की मांग कर रहे थे। अब उनकी मांग मान ली गई है।
डीएसडब्ल्यू ने लिया अहम निर्णय
छात्रों की मांग पर डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर केपी सिंह ने यह अहम निर्णय लिया है। यहां यह ध्यान देने योग्य बात है कि आधी फीस पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हास्टलों में रहने की यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए लागू होगी। डीएसडब्ल्यू की तरफ से इस आशय का नोटीफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
हास्टलों में फीस कम करने की कर रहे थे मांग
हास्टलों में प्रवेश के लिए हाल में इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कट आफ जारी किया गया था। परास्नातक के छात्र-छात्राओं को हास्टल आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। स्नातक के छात्र-छात्राओं की कट आफ दो दिन पहले जारी की गई है। इससे पहले लगातार छात्र मांग कर रहे थे कि हास्टल का शुल्क कम किया जाए। छात्रों का तर्क था कि जब वह अधिकतम तीन महीने ही हास्टलों में रहेंगे तो पूरे वर्ष की फीस क्यों दें। इसे लेकर छात्रों ने डीएसडब्ल्यू को ज्ञापन भी सौंपा था। आखिरकार अब छात्रों की यह मांग भी मान ली गई है। अब उन्हें 50 प्रतिशत शुल्क में छूट दी गई है।
सत्र 2022-21 में ही लागू होगी यह व्यवस्था
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी डा. जया कपूर ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 के तहत हाल में स्नातक और परास्नातक के जिन छात्रों को हास्टल आवंटित किया गया है, उन्हें यह रियायत दी गई है। यह सुविधा 30 जून 2022 अथवा वार्षिक-सेमेस्टर परीक्षा में जो पहले पूरी हो, तब तक के लिए मान्य होगी। अन्य प्रक्रिया के लिए छात्रों से कहा गया है कि वह आवंटित हास्टल के कार्यालय में संपर्क करें।