लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ विश्वविद्यालय अपने जरूरतमंद विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इसके लिए मानक तय करते हुए वित्त समिति से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए किसी भी विद्यार्थी की सहायता के लिए एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपए की सीमा निर्धारित की गई है। रविवार को इसके निर्देश भी जारी किए गए।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि एकत्रित निधि का प्रबंधन एक समिति द्वारा किया जाएगा। समिति में अधिष्ठाता छात्र कल्याण, वित्त अधिकारी, कुलपति की ओर से नामित दो प्रोफेसरों के साथ ही साथ, एक छात्र प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
वीसी केयर फंड का संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं वित्त अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से कुलपति के अनुमोदन पर किया जाएगा। वीसी केयर फंड प्रबंधन समिति नियमों के लेखा जोखा के लिए जिम्मेदार होगी और समिति अपनी सिफारिश कुलपति को उनके विचार और निर्णय के लिए प्रस्तुत करेगी ।
ये होंगे पात्र:
वित्तीय सहायता के लिए वही छात्र-छात्रा पात्र होगें जिन्हें किसी भी अन्य स्रोत से कोई अन्य वित्तीय मदद न मिल रही हो। इसके साथ ही किसी प्रकार के दंड का भागी न रहा हो। यदि किसी छात्र को किसी वित्तीय वर्ष में एक बार वीसी केयर फंड का लाभ मिल जाता है तो वह उसी वित्तीय वर्ष में दूसरी बार वीसी केयर फंड के लिए पात्र नही होगा ।
कोई भी कर सकता है दान:
वीसी केयर फंड के लिए निधि भारतीय, भारतीय मूल के विदेशी नागरिक, संस्थाओं द्वारा दिए गए दान के माध्यम से उत्पन्न की जा सकेगी। यदि कोई दान करनेे किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए आता है तो फंड का उपयोग उस उद्देश्य के लिए ही किया जाएगा। दान के लिए कोई अधिकतम सीमा नहीं है। लेकिन न्यूनतम 5000 रुपए निर्धारित की गई है।