भारत में 10वीं के बाद छात्रों की पहली पसंद मैकेनिकल इंजीनियरिंग है। Mechanical Engineering मशीनों से जुड़ी हुई फिल्ड है।
इसमें मशीन निर्माण से लेकर मशीन से जुड़ी सभी जानकारियां दी जाती है, जिनकी मदद से स्टूडेंट एक सफल मैकेनिकल इंजीनियर (ME) बन पाते हैं। यदि आप भी अपना भविष्य मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में बनना चाहते है तो आज हम इस आर्टिकल में मैकेनिकल इंजीनियरिंग से जुड़ी सभी जानकारियां आपके साथ साझा कर रहे हैं।
पॉलीटेक्निक क्या है?
पॉलीटेक्निक एक डिप्लोमा कोर्स है। इसके माध्यम से स्टूडेंट 10वीं पास करने के बाद ही मैकेनिकल इंजीनियरिग कोर्स कर सकते हैं। यदि स्टूडेंट मैकेनिकल इंजीनियरिंग करना चाहते है तो पॉलीटेक्निक उनके लिए सबसे सरल माध्यम है। इस कोर्स की सम्पूर्ण जानकरी इस तरह है:
योग्यता – स्टूडेंट 10वीं में उत्तीर्ण होना चाहिए और इंग्लिश, मैथ और साइंस विषय में 35 फीसदी अंक होने चाहिए.
अवधि – 3 वर्ष.
फीस – 35 से 50 हजार रूपए हैं.
एडमिशन – इसमें एडमिशन लेने के लिए CET यानि कॉमन एंट्रेस टेस्ट पास करना आवश्यक है.
जॉब प्रोफाइल:
एयरोस्पेश इंजीनियर
मोटर वाहन इंजीनियर
यांत्रिक इंजीनियर
मेंटेनेंस इंजीनियर
परमाणु इंजीनियर
अनुमानित सैलेरी:
मैकेनिकल इंजीनियर की सैलेरी की बात की जाए तो यह जॉब प्रोफाइल के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। पर अनुमानित सैलेरी की बता की जाए तो 20,000 रूपए से 50,000 रूपए से भी अधिक हो सकती है। इसके अलावा मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में विदेश में भी कार्य कर सकते हैं।