संस्कृति हमारे देश में सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण चीजों में से एक है ! दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज महाविद्यालय में स्पीक मैके सोसाइटी एक ऐसी सोसाइटी है जो आज की और आने वाली पीढ़ी को भारत के शास्त्री संगीत और संस्कृति से जोड़े रखने में सहयोग देती है। 31 दिसंबर 2021 को हंसराज कॉलेज की स्पीक मैके सोसाइटी एवं जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज ने , शर्मिला टैगोर जी को आमंत्रित किया और ऑनलाइन माध्यम से एक ज़ूम मीट का आयोजन किया।
मीट की शुरुआत शर्मिला टैगोर जी के स्वागत के साथ की गई, फिर निर्देशक सत्यजीत रे द्वारा रचित देवी फिल्म छात्रों के आगे प्रस्तुत की गई, यह फिल्म शर्मिला जी की सबसे पहली फिल्म थी और इस वक्त इन की उम्र केवल 15 वर्ष थी, इस फिल्म का शीर्षक "देवी" था और यह बंगाली में थी, इस फिल्म में एक ऐसी कहानी दिखाई गई है जिसमें अभिनेत्री के ससुराल वाले उन्हें देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं परंतु वास्तव में वह देवी नहीं मनुष्य ही होती है, 1960 में रची गई यह फिल्म 2021 के छात्रों को दिखाना इसलिए महत्वपूर्ण था , क्योंकि यह उस समय की मानसिकता को दर्शाती है , जब आमतौर पर महिलाओं में समाज की धार्मिक रूढ़िवादी परंपराओं से लड़ने के लिए हिम्मत जुटाना अत्यधिक मुश्किल भरा कार्य होता था, एवं इस फिल्म में भारतीय संस्कृति का भी विवरण किया गया है।
कोरोना काल के विकट समय में भी हंसराज कॉलेज कि स्पीक मैके सोसाइटी एवं जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज ने छात्रों को सुप्रसिद्ध अभिनेत्री शर्मिला टैगोर जी से बात करने का सुनहरा अवसर प्रदान किया, शर्मिला टैगोर जी ने कई छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए छात्रों ने कई प्रकार के सवाल पूछे कि किस प्रकार उन्होंने इतनी कम उम्र में बहुत ही खूबसूरत प्रकार से अपनी भूमिका निभाई, और समाज में इस फिल्म द्वारा एक बहुत ही गहरा संदेश दिया। शर्मिला जी ने अंत में सभी छात्रों को समाज की रूढ़िवादी परंपराओं से बिना संकोच लड़ने के लिए प्रेरित किया।