sambhavkumar
sambhavkumar

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों को मिलेंगे शोध और रोजगार के अवसर, इंटर्नशिप के साथ नौकरी

लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ फार्मास्युटिकल साइंसेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आइआइटी की तर्ज पर शोध की सभी सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी। साथ ही इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने सोमवार को जैव चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (सीबीएमआर) लखनऊ और राज्य अनुसंधान मेन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के साथ समझौता हुआ। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय, सीबीएमआर के निदेशक प्रो. आलोक कुमार धवन, एसोसिएशन के संरक्षक वीरअंजनी कुमार सक्सेना और इंस्टीट्यूट आफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के निदेशक प्रो. पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

बेहतर शोध की सुविधाएं : सीबीएमआर के निदेशक प्रो. आलोक धवन ने बताया कि जैव चिकित्सीय अनुधान विश्व स्तरीय मशीनरियों से सुसज्जित है। इस एमओयू से साइंस एंड टेक्नोलाजी के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए नए अवसर प्राप्त होंगे। इंस्टीट्यूट आफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के निदेशक प्रो. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि इस एमओयू से कोविड 19 जैसी महामारी पर जैव चिकित्सा अनुसंधान के लिए संयुक्त रूप से प्रोजेक्ट करेंगे। छात्रों व संकाय सदस्यों के लिए नई शिक्षा नीति के अनुसार शोध के अवसर मिलेंगे। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम, ग्रीष्म व शीतकालीन इंटर्नशिप का आदान प्रदान होगा।

संबंधित खबरें

और ख़बरें पढें

ऑपरेशन दुर्गा का शुभारंभ हुआ ?

  • A13 अप्रैल 2017
  • B15 मार्च 2017
  • C15 अगस्त 2017
  • Dकोई नहीं
Congratulations, आपका उत्तर सही है।
आपका उत्तर गलत है। फिर से प्रयास करें।
आपका उत्तर गलत है। फिर से प्रयास करें।
आपका उत्तर गलत है। फिर से प्रयास करें।
सहीगलत

नौकरी

और ख़बरें पढें
samsamyiksrijan