दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज महाविद्यालय में 4 फरवरी 2022 को एक नए ऑडिटोरियम का इनॉग्रेशन समारोह का आयोजन किया गया, इस ऑडिटोरियम को एमएचआरएफडीसी नाम से सुशोभित किया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. योगेश सिंह , श. डीवी सेठी, श्री. शिव रमन गौर, डॉ. एन.के. ओबेरॉय पधारे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से की गई उसके बाद अतिथियों के सम्मान में महाविद्यालय की प्राचार्य महोदया प्रोफेसर डॉक्टर रमा जी ने अतिथियों को शॉल एवं तुलसी का पौधा उपहार एवं सम्मान स्वरूप दिया, उसके पश्चात कॉलेज के म्यूजिक सोसाइटी काव्यांजलि के कुछ छात्रों ने सांस्कृतिक संगीत की प्रस्तुति दी और डीएवी को नमन करते हुए भी गायन कला का प्रदर्शन किया। प्राचार्य महोदया डॉ रमा जी ने अपने वक्तव्य में इस ऑडिटोरियम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि, यह संवाद सेंटर कॉविड के दौरान बनाया गया ई संवाद सेंटर यानी इस ऑडिटोरियम की स्थापना इसलिए की जा रही है, ताकि हम डिजिटल इंडिया की तरफ एक नया कदम बढ़ा सके और यह कदम बहुत ही महत्वपूर्ण है। ओबरॉय जी ने डीएवी की शुरुआत एवं स्वामी दयानंद जी के बारे में कई ऐसी बातें बताई जिन्हें सुनकर आश्चर्य होता है और इस बात में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि वह एक आम मनुष्य नहीं एक महात्मा व्यक्ति थे डीएवी की स्थापना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है और उसने महात्मा हंसराज जी का योगदान सोने पर सुहागा। वाइस चांसलर प्रो. योगेश सिंह जी ने अपने वक्तव्य में न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 एवं नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2021 के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण चीजों को अंकित किया और बहुत ही अच्छा एवं विस्तृत खाका समझाया और इस ऑडिटोरियम के बारे में उन्होंने यह कहा कि छात्रों को डिजिटल एजुकेशन एवं नॉलेज की भी समझ होनी चाहिए इसीलिए यह एक बहुत ही अच्छी पहल है।
कार्यक्रम को समापन की ओर ले जाते हुए डॉक्टर प्रभांशु ओझा जी ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन देते हुए मुख्य अतिथियो एवं सभी का आभार व्यक्त किया और सभी को ई संवाद सेंटर यानी एमएचआरएफडीसी ऑडिटोरियम की स्थापना के लिए शुभकामनाएं दी।