दिल्ली विश्वविद्यालय भारत के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक है। इसकी स्थापना 1922 में की गई थी और दिल्ली विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के 100 वर्षों के महोत्सव को मना रहा है ,किंतु 100 वर्षों में से यह पहली बार है जब यह विश्वविद्यालय 2 वर्षों तक विद्यार्थियों के लिए बंद रहा। हम जानते हैं कि चीन से आई कोविड-19 बीमारी जो कि वैश्विक स्तर पर फैली हुई हैं, जो भारत में भी फैली और इस कारण से भारत के समस्त स्कूलों , कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को फिजिकली बंद किया गया और ऑनलाइन मोड पर सुचारू रूप से चालू किया गया । किंतु जब डीडीएमए ने समस्त स्कूलों और कॉलेजों , विश्वविद्यालयों को 100 परसेंट की क्षमता के साथ खोलने का निर्णय लिया तब , दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा विरोध किया गया कि दिल्ली विश्वविद्यालय ही क्यों बंद है ? जबकि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और अन्य विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए फिजिकली खोल दिए गए हैं।
विद्यार्थियों के इस प्रयास ने दिल्ली विश्वविद्यालय को खोलने में एक अहम योगदान निभाया और प्रॉक्टर महोदया प्रोफेसर रजनी अब्बी ने विरोध प्रदर्शन में जाकर विद्यार्थियों को सांत्वना दी की विश्वविद्यालय को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास करेंगे। और एक-दो दिन के अंदर ही दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपना नोटिस निकाला जिसमें 17 फरवरी 2022 से दिल्ली विश्वविद्यालय को physically खोलने का निर्णय लिया गया । अंडर ग्रेजुएट से लेकर पोस्ट ग्रैजुएट और पीएचपी सभी वर्षों के छात्रों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय 17 फरवरी 2022 से खोल दी जाएगी किंतु जो विद्यार्थी दिल्ली से दूर के हैं वह अपनी यात्रा को इस तरह सुनिश्चित करे कि अपने 3 दिन के क्वॉरेंटाइन पीरियड को विश्वविद्यालय आने पहले पूरा कर सकें।
दिल्ली विश्वविद्यालय के इस फैसले से सभी छात्रों के मन में बहुत खुशी है और वह इस खुशी को व्यक्त नहीं कर सकते।