अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मोत्सव के पवन अवसर पर, दिल्ली विश्वविद्यालय के सुप्रसिद्ध महाविद्यालय हंसराज में आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया गया, और इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के 3 मेहताव केंद्र बिंदु थे, आजादी के 75 वर्ष, सुशासन का स्वप्न: और 2047 का भारत।
यह कार्यक्रम 25 दिसंबर और 26 दिसंबर को अयोजित किया गया था और इस संगोष्ठी में अनंत विजय जी, अनिर्बान गंगोली जी, रजनी अब्बी जी, गोपाल कृष्ण अग्रवाल जी , जैनेंद्र सिंह जी , अशोक श्रीवास्तव जी , लोकेश जिंदल जी , संगीत कुमार जीरागी, सुषमा यादव जी, जैसे कई अतिथि गण को आमंत्रित किया गया था, संगोष्ठी के केंद्रीय मुद्दे को ध्यान में रखते हुए इन सभी अतिथियों ने छात्रों के और श्रोताओं के सामने अपना संबोधन प्रस्तुत किया, कई अतिथियों ने इस बात पर अधिक जोर डाला कि अगर 2047 का भारत कुशल चाहते हैं तो देश मे सुशासन बनाए रखना होगा , उन्होंने यह बात भी कही कि समाज के युवा मैं आत्मविश्वास की काफी कमी होने के कारण देश प्रगतिशील होने से वंचित हो रहा है, अथितियों ने युवा को अधिक जगारूक और आत्मविश्ववासी बनने के लिए प्रेरित किया, देश को आगे बढ़ाने के लिए अर्थव्यवस्था पर भी चिंतन आवश्यक था इसीलिए उन्होंने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी एवं क्रिप्टो की भी व्याख्या दी, सुषमा जी ने अधिक चिंतन देश की साक्षरता पर प्रदर्शित किया मूल रूप से इंसान को समाज या देश में अपना योगदान देने के लिए एक साक्षर एवं नैतिक मनुष्य होना बहुत आवश्यक है , और जैसा कि हम जानते हैं न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2021 में आ गई है , इस्से आशा की जा सकती है कि आने वाली पीढ़ी को शिक्षा और भी विस्तृत रूप में प्राप्त होगी ।
इस कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर विजय कुमार मिश्र ने किया था एवं डॉ राजेश कुमार शर्मा जी ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन देते हुए यह कहा कि आने वाले 25 वर्षों में हम 2047 में भारत को एक अत्यधिक सफल देश के रूप में देखेंगे।