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कमाल 'कमल' थे इसलिए कमाल थे

भारत विश्व का महान लोकतंत्र और सारभौमिक राष्ट्र है| भारत माता के सभी संतति सहिष्णु है और हम भारत के लोग सबका आत्मसात कर वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्वांत को धरातल पर व्यवहारिक भी करते हैं| ऐसी ही माँ भारती के संतान थे पत्रकार कमाल खान जो अब हमारे बीच नहीं रहे और धराधात्री की गोद में आराम कर रहे है|

लोकतंत्र में कमाल का होना कमाल था| आज के समय में सभी विविध विचारों के शुन्य अवस्था पर जाकर पूरे वातावरण को सुगंधित करने का कार्य करते थे कमाल| आज के समय में निष्पक्ष होकर लोकतंत्र के नियंता अनुसार नियंत्रित होकर पत्रकार के रूप में कमाल ने पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया|

कमाल कभी व्यक्ति, पार्टी, विचार विशेष के नहीं थे, उन्होंने सत्य का मार्ग अपनाया, किसी भी लोकतंत्र में निर्भय पत्रकार की अत्यंत आवश्यकता है, तो वैसे ही निर्भय पत्रकार थे कमाल| सत्ता में बैठे लोगों का देशभक्त होना निश्चित है पर इसका अर्थ यह नहीं कि देशभक्ति का हवाला दे, भविष्य की भव्यता में ही भाव विभोर होकर वर्तमान की विफलताओं पर मौन साधना ले ली जाए| जन जन की परेशानियों का निवारण और उन कठिनाईयों की आवाज का सत्ता के गलियारों तक पहुंचना एक स्वस्थ लोकतंत्र हेतु अनिवार्य है और इस समाज के अंतिम कड़ी के व्यक्ति की बातों का शीर्ष तक ले जाकर उसका निवारण ही पत्रकारिता है और पत्रकार कमाल ने तो अपने कर्मों से ये कमाल कर दिया है|

श्रीराम के व्यक्तित्व को भारत की संस्कृति से जोड़ हर भारतीय के ह्रदय में संप्रदाय से ऊपर उठाकर श्रीराम को विराजित करने का उनका ध्येय भी उनके निज व्यक्तित्व के वैभव को प्रमाणित करता है|

कमाल ने हर ज्वलंत विषय को अपने शब्द रूपि जल से शीतल कर के जनता के समक्ष रखा है, उनका मंतव्य उनके वक्तव्यों में प्रदर्शित होता रहा है| वो प्रत्येक संप्रदाय में विश्वास रखने वाले व्यक्ति थे| चाहे वो कुंभ का मेला हो या हज यात्रा का विश्लेषण, उन्होंने बेहतरीन खबर दिखाई है|

कमाल एक एक न्यूज लिखने हेतु तथ्यों की खोज विभिन्न पुस्तकों से करते थे ताकि जनता के बीच कोई भ्रम उत्पन्न न हो| उन्हें एक एक न्यूज लिखने में घंटों लगते थे क्योंकि वे साधारण भाषा और सटीक विचार लिखा करते थे और जब पत्रकार सटीक लिखता है तो पाठक सटीक पढ़ता है और सटीक होता है लोकतंत्र|

कमाल का जाना पत्रकारिता जगत में शोक का विषय है, हम विधि समक्ष विवश है पर हम कमाल के विचारों की सहायता से यहाँ अर्थात लोकतंत्र में बार बार कमाल कर सकते हैं|

ऑपरेशन दुर्गा का शुभारंभ हुआ ?

  • A13 अप्रैल 2017
  • B15 मार्च 2017
  • C15 अगस्त 2017
  • Dकोई नहीं
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