गाय , जो हिंदू संस्कृति में सदैव पूजनीय रही है। डॉक्टर भी शिशु को गाय का दूध पिलाने की सलाह देते हैं। इसे गौ माता का दर्जा भी दिया गया है। इसके मल- मूत्र और दूध में अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं , तथा इसका प्रयोग हवन जैसे कार्यों में किया जाता है। वर्तमान समय में अनेक वैज्ञानिक भी इस पर अनुसंधान कार्य कर रहे हैं। इसी दिशा में हंसराज कॉलेज ने स्वामी दयानंद सरस्वती गौ- संवर्द्वन एवं अनुसंधान केंद्र खोलने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस कॉलेज की प्राचार्य महोदया प्रोफेसर डॉ. रमा जी का कहना है, कि 'अगर यह अनुसंधान कार्य, उपयोगी साबित हुए , तो इसका और विस्तार किया जाएगा। गाय के शुद्ध दूध और घी का उपयोग विद्यार्थी कर सकेंगे। साथ ही साथ हर महीने के 1 तारीख को होने वाले हवन में भी इसका प्रयोग किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज में बायोगैस पर अनुसंधान कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें केंद्र सरकार का अतुलनीय सहयोग भी शामिल है। सभी गणमान्य लोग , इस महत्वपूर्ण कदम की सराहना कर रहे हैं।