पिछले 3 ओलंपिक से भारतीय महिला खिलाड़ी देश का मान बढ़ा रही हैं. पिछले 3 ओलंपिक में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने सभी में 2 या उससे ज्यादा मेडल अपने नाम किए है. ओलंपिक में पहला मेडल जीतने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी कर्णम मल्लेश्वरी हैं. मल्लेश्वरी के बाद भारत को काफी इंतजार करना पड़ा और ये इंतजार 2012 में खत्म हुआ. तब से भारतीय महिलाओं ने फैंस को किसी भी ओलंपिक में मेडल का इंतजार नहीं करवाया. भारत के पास कुल 35 ओलंपिक मेडल है, जिनमें से 8 महिला खिलाड़ियों के नाम है और उनका यह सफर जारी है.
भारतीय महिला खिलाड़ियों को ओलंपिक मेडल जीतने में दशक लग गए. 2012 लंदन ओलंपिक में साइना नेहवाल ने भारत का इंतजार खत्म किया. स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना ने वीमंस सिंगल में ब्रॉन्ज जीता.
2012 लंदन ओलंपिक में ही साइना के ब्रॉन्ज जीतने के कुछ दिन बाद ही एमएसी मैरीकॉम ने बॉक्सिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता.
बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने 2016 रियो ओलंपिक में इतिहास रच दिया. वो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं. टोक्यो ओलंपिक में पीवी सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. वह 2 ओलंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं.
2016 रियो ओलंपिक में साक्षी मलिक ने रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता. उन्होंने वीमंस फ्रीस्टाइल 58 किग्रा भार वर्ग में कमाल किया.
2020 टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 49किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर देश की शान बढ़ाई.
2020 टोक्यो ओलंपिक में लवलीना बोरेगोहे ने बॉक्सिंग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था