दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री अरविंद महाविद्यालय द्वारा कुसुमाकर, ऋतु वसंत के आगमन पर 5 फरवरी को भव्यता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह आयोजन महाविद्यालय की हिंदी साहित्य परिषद ( अभिव्यक्ति) के सानिध्य में सुसंपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ महाविद्यालय के विद्यार्थि पुष्पराज द्विवेदी के द्वारा किया गया।
इसके पश्चात इस आयोजन के संयोजक और श्री अरविंद महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ मनीष शर्मा ने प्रकृति के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत की संबद्धता के परिप्रेक्ष्य में अपना उद्बोधन व्यक्त किया.
तत्पश्चात कार्यक्रम को गति प्रदान करते हुए महाविद्यालय के हिंदी विभाग की प्रभारी डॉक्टर इंदु व्रत दुआ ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया.
तदोपरांत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर कुसुम लता ने कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की कविताओं का भी वाचन किया.
महाविद्यालय के विद्यार्थियों श्याम मिश्रा और अविनाश कुमार ने मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम में सम्मिलित विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को वसंत ऋतु से संबंधित गीत एवं कविता की प्रस्तुति हेतु आमंत्रित किया. विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में वसंत ऋतु के सौंदर्य एवं उल्लास चेतना से जुड़े विभिन्न गीत और कविताएं प्रस्तुत की.
अंशुल शुक्ला और अर्चना चंद ने कार्यक्रम सहयोगी के रूप में अपनी भूमिका निभाई.
कार्यक्रम गूगल मीट के माध्यम से आयोजित किया गया था.
यह अत्यंत मनमोहक आयोजन 3 घंटे तक चला.