महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित संगोष्ठी में सभी वक्ताओं ने अपने अपने विचार प्रदर्शित किए
छतरपुर_ महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्व विद्यालय में आयोजित अमृत महोत्सव के तहत महाराजा छत्रसाल राष्टीय संगोष्ठी का आयोजन हिंदी विभाग द्वारा बहुत ही शानदार कार्यक्रम किया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक प्रख्यात साहित्यकार प्रो. श्यामसुंदर दुबे जी ने महाराजा छत्रसाल के जीवन पर गहराई से प्रकाश डाला , उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा की छत्रसाल लोक में प्रतिष्ठित राजा थे उनके श्रंगार और विरात्व दोनो ही शिखर पर है छत्रसाल के अंदर कवि व्यक्तित्व था इसको खोजने और उभरने का काम विश्व विद्यालय को करना चाहिए । महाराजा छत्रसाल के कुलपति प्रो. टी आर थापक ने सभी को आश्वासन दिया की जल्द ही अपने विश्व विद्यालय में बुंदेली की भाषा और साहित्य की पीठ की स्थापना होगी और उसके अंतर्गत महाराजा छत्रसाल के साहित्य पर शोध किया जाएगा । कला संकाय के डीन प्रो. जेपी शाक्य ने अपने वक्तव्य में महाराजा छत्रसाल के शौर्य पराक्रम और जनकल्याण की बात कही । कार्यक्रम के अतिथि सांची विश्व विद्यालय के कुलसचिव प्रो. अलकेश चतुर्वेदी जी ने कहा कि छत्रसाल जी के इतिहास को भारतीय चेतना के प्रकाश में लाने की जरूरत है।
इस कार्यक्रम में अलग अलग विश्व विद्यालय के महान प्रोफेशरो का स्वागत किया गया , सभी अतिथियों ने महाराजा छत्रसाल पर प्रकाश डाला ।