राष्ट्रीय युवा दिवस के पावन अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू महाविद्यालय कि एनएसएस सोसाइटी ने डॉ किरण बेदी जी एवं कैप्टन डॉक्टर सुनैना सिंह जी को आमंत्रित किया कि वह ऑनलाइन माध्यम से हमारे देश के युवा को संबोधित करें ताकि, राष्ट्रीय युवा दिवस, आज के युवा के लिए और भी महत्वपूर्ण एवं प्रकाशित हो सके।
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कार्यक्रम का आरंभ किरण बेदी जी और सुनैना सिंह जी, के स्वागत के साथ किया गया, सुनैना जी ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा की "छात्रों के जीवन में एवं सभी के जीवन में पॉजिटिव एटीट्यूड होना अत्यधिक आवश्यक बात होती है, हमारे समाज के युवा को यह ध्यान रखना होगा कि आप भविष्य में जो बनेंगे वह आपका वर्तमान ही निर्धारित करेगा, अगर आप वर्तमान में एक पॉजिटिव एटीट्यूड और अच्छी सोच रखते हैं तो भविष्य में आपका जो भी लक्ष्य होगा वह जरूर प्राप्त होगा, वह कहते हैं ना कल करे सो आज कर आज करे सो अब, अगर कल पर ही निर्भर रह जाएंगे तो, जो आज करना होगा वह सक्रिय कैसे होगा", यह बात सुनैना सिंह जी ने बहुत ही सुंदर शब्दों में कहीं, फिर किरण बेदी जी ने अपने वक्तव्य में कुछ ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर बात की, जिससे देश का युवा और भी अधिक जिम्मेदार एवं जागरूक बन सके किरण जी ने यह कहा कि "आज के समय में अच्छे अंक प्राप्त करके आईएएस, आईपीएस, यूपीएससी जैसे पदों पर लोग पहुंच तो जाते हैं , परंतु उस पद पर पहुंच कर भी अगर वह देश की सेवा ना कर सके तो वह अंक भी व्यर्थ हो जाते हैं, मनुष्य में जज्बा, इमानदारी और दृढ़ निश्चय होना चाहिए तभी वह देश की सेवा पूर्ण रूप से कर सकता है, एक आईपीएस ऑफिसर के जीवन में कई बार कई प्रकार की दुविधा आती है परंतु उन दुविधाओं का सामना करते हुए ईमानदारी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना ही एक सच्चे ऑफिसर की पहचान है" , किरण जी ने अपने जीवन की कई पुरानी बातें भी बताएं जिसमें उन्होंने कहा कि केवल 13 वर्ष की उम्र में जब पाकिस्तान से युद्ध चल रहा था और हस्पताल में स्टाफ की कमी बहुत थी, उस समय में इतनी कम उम्र में भी उन्होंने हस्पताल में पोछा तक लगाया, लोगों की सेवा करी, और निसंकोच देश प्रेम को सर्वप्रिय माना।
अंत में किरण बेदी जी एवं सुनैना सिंह जी ने राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए, यह कहा कि छात्र/युवा ही देश का भविष्य है, इसीलिए युवा का जागरूक होना एवं सक्रिय होना बहुत आवश्यक है। एनएसएस के प्रेसिडेंट ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कार्यक्रम का समापन किया।