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श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय वेबीनार

श्री वेंकटेश्वर महाविद्यालय दिल्ली विश्वविद्यालय हीरक जयंती (60वीं वर्षगांठ) के उपलक्ष्य में हिंदी विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार “वैश्विक हिंदी: स्थिति और सम्भावनाएँ" 5 फरवरी 2022 को आयोजित किया गया, यह एक बहुत ही उच्च कोटि का वेबीनार था इसमें कई विदेशी मुख्य अतिथियों को भी आमंत्रित किया गया था, प्रो. मिलेना ब्रातोइवा, सोफिया यूनिवर्सिटी, बुल्गारिया, प्रो. ग्रेबिएला निकेलिएवा, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी, अमेरिका, डॉ. मारेला ग्राफे यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड, सुश्री. साकुरा इशिकावा तोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज, जापान, और सुश्री. भव्या सिंह, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी, अमेरिका इन सभी महानुभावों को गाने ऑनलाइन माध्यम से इनवाइट किया गया था।

कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. मिलेना ब्रातोइवा, जी ने अपने वक्तव्य में अपने विद्यालय एवं महाविद्यालय के बारे में अनेकों बातें बताएं कि, वह किस प्रकार छात्रों को हिंदी भाषा एवं हिंदी साहित्य पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, उन्होंने अलग-अलग स्तरों का बहुत ही सुंदर वर्णन करते हुए पूरा स्ट्रक्चर बताया कि वह छात्रों को हिंदी साहित्य से जोड़े रखने के लिए किस प्रकार प्रयास करते हैं, मौखिक अथवा लिखित रूप में तो प्रशिक्षण दिया ही जाता है इसके अलावा उन्हें उपन्यास, समाचार पत्र और अनुवादित पुस्तके भी हिंदी भाषा में पढ़ने के लिए प्रदान किया जाता है, इतना ही नहीं कई ऐसी लेखक कवि एवं रचनाकार भी यह अपने छात्रों को बताते हैं, जिनकी रचनाएं छात्रों के लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकती हैं, प्रेमचंद का गोदान से लेकर सूरदास की रचनाओं तक सभी अपने आप में बहुत सराहनीय रचनाएं हैं। प्रो. ग्रेबिएला निकेलिएवा जी ने हिंदी भाषा का प्रशिक्षण देते हुए किस प्रकार की चुनौतियां एवं सफलताएं देखने को मिलती है, उसका वर्णन इन्होंने अपने वक्तव्य में दिया इन्होंने नई पीढ़ी को उनकी सोच बदलने के लिए भी प्रेरित किया और कई प्रकार के डायनामिक्स बताएं कि, किस प्रकार डायनामिक्स चेंज हो रहे हैं और भाषा को प्रभावित कर रहे हैं, और अमेरिका में कई लोग हिंदी सीखने के लिए कितने उत्साहित है यह भी उनके वक्तव्य में सुशोभित था। पुस्तकें पढ़ना हमारे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जीवन की गति बढ़ते बढ़ते हम इसका महत्व पीछे छोड़ते जाते हैं, लेकिन डॉ. मारेला ग्राफे जी ने कई पुस्तकें बताइए जो कि हिंदी में थी और छात्रों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण भी। वर्तमान समय कुछ इस प्रकार का है जिसमें टेक्नोलॉजी हमारे जीवन का एक बहुत ही जरूरी अंश बन चुका है, जब बात आती है शिक्षा की तो आज के समय में शिक्षा भी ऑनलाइन माध्यम से ही छात्रों तक पहुंचाई जा रही है, सुश्री. भव्या सिंह जी ने विस्तार में अपने वक्तव्य में यह बताया कि ऑनलाइन माध्यम से वह किस प्रकार छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।

भारत देश एक बहुत ही विविध देशों में से एक है, और यहां की संस्कृति कितनी महत्वपूर्ण एवं आकर्षक है, यह हमें इस वेबीनार से पता चलता है जो आज वेंकटेश्वर कॉलेज ने करवाया, दुनिया भर में ऐसे लोग हमारी संस्कृति एवं भाषा को लेकर कितने संवेदनशील हैं इसका एक बहुत ही सुंदर उदाहरण आज के वेबीनार में देखने को मेला, हिंदी भाषा विश्व के हर कोने तक पहुंचे इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है।

ऑपरेशन दुर्गा का शुभारंभ हुआ ?

  • A13 अप्रैल 2017
  • B15 मार्च 2017
  • C15 अगस्त 2017
  • Dकोई नहीं
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