विश्व हिंदी दिवस के पावन अवसर पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज महाविद्यालय की प्राचार्य महोदया डॉक्टर रमा जी को आमंत्रित किया गया, जो कि हिंदी विभाग में उच्च कोटि के स्तर पर पूरे विश्व विद्यालय में कामयाबी हासिल कर चुकी है, इस ऑनलाइन संगोष्ठी का संचालन उमेश कुमार जी ने किया था, और मोहाना जी भी उपस्थित थी उन्होंने भी प्राचार्य महोदया का स्वागत किया।
प्राचार्य महोदया डॉक्टर रमा जी ने अपने वक्तव्य में, हिंदी भाषा पर कई बिंदुओं को अंकित करते हुए कहा कि "मातृभाषा हमारे जीवन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, दुनिया भर की भाषाओ को सिखने के बाद भी, अपने विचारों तथा भावो को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने के लिए मनुष्य को अपनी मातृभाषा का ही प्रयोग करना पड़ता है, माना कि अंग्रेजी आज के ज़माने में सीखना आवश्यक बन गया है, परंतु आवश्यकता को आदत में तब्दील करने से हमारी मातृभाषा संकट में आ सकती है जिसके लिए युवा को भी प्रेरित होना पड़ेगा कि वह अधिक से अधिक अपनी हिंदी भाषा का आदर करें और हिंदी का उपयोग करना संकोच कि नहीं गर्व की बात है, विश्व हिंदी दिवस केवल एक ही दिन मनाया जाता है, 10 जनवरी परंतु अपनी हिंदी भाषा का आदर एवं संरक्षण हमें साल के 365 दिन करना चाहिए"।
अंत में संजीव जी ने, महोदया डॉ. रमा जी को धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कार्यक्रम का समापन किया।