नमिता शर्मा की UPSC सक्सेस स्टोरी:
सिविल सेवा परीक्षा में असफल होना कोई नहीं चाहता लेकिन यह तैयारी के सफर का एक महत्वपूर्ण भाग है। यूपीएससी 2018 में नमिता शर्मा ने ऑल इंडिया रैंक 145 प्राप्त किया है और यह सफलता उन्हें अपने छठे प्रयास में प्राप्त हुई है। इससे पहले 2017 में भी उन्होंने प्रीलिम्स की परीक्षा पास कर ली थी। वर्तमान में वो सेंट्रल जीएसटी में टैक्स असिस्टेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहीं हैं।
यूपीएससी टॉपर नमिता शर्मा
लगातार यूपीएससी के प्रयासों में मिल रही असफलता के कारण भी नमिता ने ये कभी नहीं सोचा कि समाज उनके बारे में या उसकी उम्र के बारे में क्या सोचेगा। वह तब तक कोशिश करती रहीं जब तक कि वह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच गई। नमिता का कभी हार न मानने वाले जज्बे से सभी परीक्षार्थियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। जानिए यूपीएससी 2018 की रैंक 145 नमिता की सफलता की कहानी।
5 बार रिजेक्ट होने के बाद भी नहीं मानी हार
2018 में सफलता प्राप्त करने से पहले नमिता ने पांच बार यूपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा में भाग लिया लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ असफलता ही हाथ लगी। 2017 में प्रीलिम्स परीक्षा भी पास कर ली और इंटरव्यू तक पहुंच गईं लेकिन बेहद कम अंको के मार्जिन से उनका चयन नहीं हुआ। लेकिन नमिता हार कहां मानने वाली थी। उन्होंने दोबारा तैयारी शुरू कर 2018 में अपने सपने को सच कर के दिखा दिया।
IBM कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी नमिता
नमिता ने इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी से इंजीनियरिंग में अपना ग्रेजुएशन किया है और यूपीएससी में आने से पहले उन्होंने आईबीएम कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम भी किया है। उन्होंने ग्रेजुशन के बाद ही तैयारी शुरू कर दी थी लेकिन परीक्षा की जानकारी ना होने के कारण उन्हें अपने प्रयासों में सफलता नहीं मिली। दो सालों के बाद ही तैयारी के लिए नमिता ने जॉब छोड़ दी।