संभव कुमारसुचर्चित मोटिवेशनल स्पीकर और एनएलपी गुरु
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टॉम अंकल की मैगी : मैगी ने बनाया टीटू से टॉम

और कैंपस न्यूज़

दौलत राम कॉलेज के पास मौरिस नगर बस स्टैंड के अपॉजिट में है 'टॉम अंकल की मैगी प्वाइंट' जहां पर रोनक हमेशा रहती है मैगी का स्वाद छात्रों की जुबां पर इस कदर चढ़ा है कि टॉम अंकल की मैगी एक ब्रांड के तौर पर जानी जाती है , इसके अधिक लोकप्रिय होने का राज इसकी विभिन्न वैराइटीज है जिसमें सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली मैगी है 'ऑल इन वन मैगी' यह मैगी छात्र-छात्राओं में खास पसंद की जाती है इसके साथ ही यहां आपको 50 से भी अधिक तरह की मैगी मिल जाएगी इस मैगी प्वाइंट का इतिहास काफी पुराना है, 1978 मे इसे कैंपस में स्वर्गीय रमेश कटारिया उर्फ टीटू जो आज टॉम अंकल के नाम से फेमस है ने शुरू किया था मौसम के हिसाब से टॉम अंकल शिकंजी, जलजीरा ,पकोड़ा ,समोसा आदि बेचते थे |

समय के बदलाव के साथ-साथ उनके मैन्यू में भी बदलाव आया मैन्यू में मैगी के जुड़ जाने से ऐसा बदलाव आया कि उनकी जिंदगी ही बदल गई वह देखते ही देखते इतने लोकप्रिय हो गए कि वह टीटू से टॉम अंकल बन गए आज हर शख्स जो नॉर्थ कैंपस से जुड़ा है वह टॉम अंकल की मैगी से भी जुड़ा हुआ है जो भी नॉर्थ केंपस आता है वह टॉम अंकल की मैगी प्वाइंट की मैगी खाए बिना नहीं जाता अब टॉम अंकल के बाद उनके बेटे संदीप कटारिया इस मैगी प्वाइंट को संभालते हैं इस लोकप्रिय मैगी प्वाइंट पर मैगी की कीमत 40 से लेकर ₹100 तक है विभिन्न तरह की वैरायटी यहां मिलती है जैसे पनीर मसाला मैगी ,चीज मैगी, बटर मैगी ,रेड सॉस मैगी, वाइट सॉस मैगी, चिल्ली मशरूम मैगी आदि तरह-तरह की मैगी यहां बनाई जाती है|

तिरण मौर्य :-बताते हैं टॉम अंकल की मैगी प्वाइंट की खासियत है इनमें इस्तेमाल किए जाने वाले 'मसाले' जो स्वयं घर में तैयार किए जाते हैं यही कारण है जो टॉम अंकल की मैगी को विभिन्न मैगी प्वाइंट से अलग बनाते हैं समय के साथ साथ मेंन्यू और छात्रों के स्वाद में भी परिवर्तन आया है जिस कारण यहां मैगी के साथ साथ ग्रिल सैंडविच , हॉट बेवरेजेस, मैक्रोनी, पास्ता ,सोडा आदि भी जुड़ गया है खाने से पीने तक कई वैरायटी यहां मिल जाती हैं इसका समय सुबह 11:00 से रात 10:00 बजे तक है जो छात्र अपनी शिक्षा पूर्ण कर जा चुके हैं वह आज भी इस फेमस अड्डा से जुड़े हुए हैं अपने बच्चों , दोस्तों,परिवार वालो के साथ यहां आते रहते हैं अपनी जिंदगी के उन लम्हों को वह फिर से याद करते हैं जो लम्हे गुजर चुके हैं|